Thursday, September 17, 2009

वो यारो की महफ़िल,वो मुस्कुराते पल,
दिल से जुदा है अपने वो बिता हुआ कल!
कभी जिंदगी गुजरती थी हंसने हंसाने मैं,
आज वक्त गुजरता है कागज के नोट कमाने मैं!

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