Saturday, December 22, 2012

प्रेमिकाए

ये प्रेमिकाए बड़ी विकत होती है बिल्कुल डाक टिकट होती है!


जब ये संग निकट होती है तो आदमी की रंगीनियत मैं इजाफा हो जाता है!

और जब ये चिपक जाती है तो आदमी बिल्कुल लिफाफा हो जाता है !!

सम्बंधो के पानी से या भावनाओ के गोंद से चिपकी हुई

जब ये साथ-साथ चल पड़ती है तो अपने आप मैं हिस्ट्री हो जाती है!

कभी-कभी जिन्दगी के डाकखाने मैं उस लिफाफे की रजिस्ट्री हो जाती है!!

वैसे लिफाफा इनके साथ जिन्दगी भर रोता है!

मोहर इनके लगाती है दर्द लिफाफे को होता है!!

वैसे इनके साथ होने पर लिफाफे का अपना रंग होता है!

मगर जब ये नहीं होती तो लिफाफा बेरंग होता है!!

आप अपने जिन्दगी के लिफाफे पर किसी भी मूल्य का या आकार का टिकट चिप्काइये

लेकिन जरा कायदे से निभाइये!

किसी दूसरे का डाक टिकट अपने लिफाफे पर मत चिप्काइये!!

कहीं ऐसा न हो इससे कोई दुर्घटना घट जाए!

कोई आपके लिफाफे का डाक टिकट उड़ाने लगे तो आपका लिफाफा ही फट जाए!!

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