ये सब्जी वाला हमको क्या समझता है - जब भी चाहे ताने कसता है!
आप और खरीदेगे सब्जीयाँ - अपनी शक्ल देखी है मियाँ
करेले एक रूपये के पाँच - चहरा बिगाड़ देगी आलुओं की आँच
पालक पच्चास पैसे के पाँच पत्ती - गोभी दो आने रत्ती
कठहल का भाव सुनोगे तो कलेजा हिल जायेगा
ये नेताओं का चरित्र नही जो चारआन्ने पाव मिल जायेगा..................
आप और खरीदेगे सब्जीयाँ - अपनी शक्ल देखी है मियाँ
करेले एक रूपये के पाँच - चहरा बिगाड़ देगी आलुओं की आँच
पालक पच्चास पैसे के पाँच पत्ती - गोभी दो आने रत्ती
कठहल का भाव सुनोगे तो कलेजा हिल जायेगा
ये नेताओं का चरित्र नही जो चारआन्ने पाव मिल जायेगा..................
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