Saturday, December 22, 2012

जनरल वार्ड

हिन्दुओ का शमसान मुसलमानो का कब्रिस्तान और ईसाईयो का ग्रेवयार्ड !
यानि भारतीय अस्पताल का जनरल वार्ड !!
वार्ड के भीतर भारतीय लोकतंत्र की तरह चरमराता पलंग !
और पलंग के ऊपर अपनी ही शवयात्रा की तैयारी करते बाबा मलंग !!
दीवार पर बैमतलब मुस्कराता महात्मा गांधी का चित्र !
और डॉक्टर ऐसे गायब जैसे नेताओं से चरित्र !!
ख़ुद अपनी असलियत पर शंका करती हुई दवाईया !
और वार्ड मै डिस्को करती हुई मौत की परछाइयाँ !!
गुलशन नंदा का उपन्यास पढ़ती हुई नर्स
और अकेली नर्स के कारण मरीज की आंखो मै पीडा के बावजूद हर्ष !
इधर-उधर देखकर मरीज ने किया नर्स के हाथ का स्पर्श !!
धीरे-से बोला आज तो मेरी जिन्दगी बनादो !
अरे कम-से-कम मरते वक़्त तो मुस्करादो !1
तुम्हारा मुस्कराना मेरे मरने मै जान डाल देगा !
नर्स बोली जान तो अवश्य डाल देगा
लेकिन तुम्हे देख कर मुस्कराई तो डॉक्टर तुमसे पहले मेरी जान निकाल देगा !!
प्राइवेट वार्ड मै होता तो मुस्कराती........?
बेवकूफ इतना भी नही जानता !
मुफ्त-खोरो के जंगल-वार्ड मै मौत के अलावा किसी को भी हंसी नही आती !!

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