जीवन मैं फल पाने की लिए,श्रम तो करना पड़ता है
ईश्वर सिर्फ लकीरे देता,रंग स्वंय ही भरना पड़ता है!
जो बीच राह मैं बैठ गए,वे बैठे ही रह जाते है
जो लगातार चलते रहते है,वे निश्चय ही मंजिल पाते है!
कर्म तेरे अच्छे है बन्दे, तो भाग्य तेरा दास है
धरा की तो बात ही क्या,कदमो मैं आकाश है!
मेरा मानना है की "जिस कार्य को नौकर, भाई, पुत्र अथवा,पति,पत्नी भी नही कर सकते,उसी कार्य को मित्र निश्चित रूप से कर दिखायेगे!
इसलिए मित्रों का स्थान ऊँचा है!"……..” आनंद सिंह,”
Thursday, September 17, 2009
हंसने वालो से डरते है, छुप छुप कर रो लेते है, गहरी गहरी सोच मै डुबे दो दिवाने याद आए !
ठंडी सर्द हवा के झोंके, आग लगा कर छोड़ गए, फूल खिले शाखों पे नये, और दर्द पुराने याद आए !
1 comment:
दोनो शे र लाजवाब हैं शुभकामनायें
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