Saturday, April 19, 2008

मोडिया-

खल तीण री खोटी करे पापी अन्न जल पाय
मौको लाग्याँ मोडिया चेली सुं चिप जाय!

माँ जाई कहे मोडिया करे कमाई किर
बाई कहे जिण बहन रा बणे जवांई बीर!

मोडा द्रगड़ मालिया गंवार भोगे गाल
भोगे सुंदर भामणि मुफ्त अरोगे माल!

साँडाँ ज्यूँ ऐ सादडा भाँडाँ ज्यूँ करे भेष
राँडाँ मैं रोता फिरे लाज न आवे लेस!

बांम बांम बकता कहे दाम दाम चित देत
गाँव गाँव ताके गंडक राम नाम मैं रेत!

मिन्दर सहेल्याँ बिच मैं हँस हँस मारे हौड
चेली सुं चुके नही मौकों लाग्याँ मौड!






कोड

जो तूं चाहे धन और माया दादू पंथी होज्या भाया!
जो तूं चाहे इन्द्रियों का भोग जा खेडापे मैं ले ले जोग!
जो तूं चाहे निन्द्रा का कोड सिन्थल का होज्या मौड!
जो तूं चाहे भोजन खाया राम स्नेहीं होज्या भाया!

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