जीवन मैं फल पाने की लिए,श्रम तो करना पड़ता है
ईश्वर सिर्फ लकीरे देता,रंग स्वंय ही भरना पड़ता है!
जो बीच राह मैं बैठ गए,वे बैठे ही रह जाते है
जो लगातार चलते रहते है,वे निश्चय ही मंजिल पाते है!
कर्म तेरे अच्छे है बन्दे, तो भाग्य तेरा दास है
धरा की तो बात ही क्या,कदमो मैं आकाश है!
मेरा मानना है की "जिस कार्य को नौकर, भाई, पुत्र अथवा,पति,पत्नी भी नही कर सकते,उसी कार्य को मित्र निश्चित रूप से कर दिखायेगे!
इसलिए मित्रों का स्थान ऊँचा है!"……..” आनंद सिंह,”
Wednesday, April 23, 2008
दुखी करे......
घर मैं साळओ भींत मैं आळओ गली मैं नाळओ दुखी करे.......
क्रषे ने काळ मच्छ्ली ने जाळ बूढाप्पे मैं साळ दुखी करे.......
बाणीये ने ब्याज गौदाम मैं पड्यो अनाज माईळी खाज दुखी करे.......
भाई ने भाई सासू ने जंवाई बिगड्योडे ब्याव ने नाई दुखी करे.......
हिन्ये मैं काळओ अणुतो चाळओ आवतो-जावतो सियाळओ दुखी करे......
No comments:
Post a Comment