तुमसा कोई दूसरा हुआ तो रब्ब से शिकायत होगी
एक तो झेला नही जाता, दूसरा आगया तो क्या हालत होगी
नाकाबिलों की क्या है, काबिल बदल रहें हैं
दरिया का क्या भरोसा, साहिल बदल रहे हैं
आँखें बदल के डाक्टर, बोले विधायकों से,
तुम दल बदल रहे हो, हम गुर्दा और दिल बदल रहे हैं...
सत्य अहिंसा दया धर्म से, अपना इतना नाता है, दीवारों पर लिख देते हैं, दीवाली पर पुत जाता है.
रोडवेज की बसों में, छोटे-छोटे काले अक्षरों में लिखा होता है - "धुम्रपान मत कीजिए" उन्ही बसों के बाहर रंगीन विज्ञापन होता है - "शंकर छाप बीडी पीजिए"
No comments:
Post a Comment