जीवन मैं फल पाने की लिए,श्रम तो करना पड़ता है
ईश्वर सिर्फ लकीरे देता,रंग स्वंय ही भरना पड़ता है!
जो बीच राह मैं बैठ गए,वे बैठे ही रह जाते है
जो लगातार चलते रहते है,वे निश्चय ही मंजिल पाते है!
कर्म तेरे अच्छे है बन्दे, तो भाग्य तेरा दास है
धरा की तो बात ही क्या,कदमो मैं आकाश है!
मेरा मानना है की "जिस कार्य को नौकर, भाई, पुत्र अथवा,पति,पत्नी भी नही कर सकते,उसी कार्य को मित्र निश्चित रूप से कर दिखायेगे!
इसलिए मित्रों का स्थान ऊँचा है!"……..” आनंद सिंह,”
Saturday, April 19, 2008
हड़ताल
भारत बंद के दौरान एक आदमी चड्डी पहन कर सड़क पर आया लोगो ने पूछा तो कारण बतलाया! मेरा तो विरोध और समर्थन मिला जुला है बंद समझो तो बंद खुला समझो तो खुला है
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